भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार है – संस्कृत

डा. अपर्णा धीर

विश्व संस्कृत दिवस एवं श्रावणी पूर्णिमा की हार्दिक बधाई आप सभी समस्त संस्कृत अनुरागियों को। रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर संस्कृत भाषा की रक्षा हेतु जन-जन को बताना चाहती हूं कि किस तरह भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार है – संस्कृत ।

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जो नहीं जानते उनको संस्कृत भाषा बड़ी क्लिष्ट लगती है, परंतु जो संस्कृत भाषा से परिचित हैं, वह इसकी गरिमामयता से अवगत है। वेदों से प्रारंभ हुई पुराणों, काव्यों से होती हुई यह, लौकिक संस्कृत का रूप लेती हुई, अपने अंदर विश्व के प्राचीनतम इतिहास और गौरव को समेटे हुए हैं।इतिहास भी ऐसा जो विज्ञानपरक, अध्यात्मपरक, दर्शनशास्त्रीय, नीतीशास्त्रीय, आयुर्वेदिक, खगोलीय, राजनीतिपरक, अर्थशास्त्रीय, नाट्यशास्त्रीय इत्यादि ज्ञान की धारों से ओत-प्रोत है।

वैदिक संस्कृति को पढ़ने वाले जानते हैं कि वैदिक ग्रंथों को जिस दृष्टि से अर्थात् जिस भाव को हम खोजना चाहते हैं, उस भाव को वैदिक संस्कृत के मंत्र स्वत: प्रकट करते हैं। कोई कह सकता है कि ऐसा कैसे संभव है? इस उच्चतम ज्ञान को प्राप्त करने के लिए वैदिक ग्रंथों के प्रति हमारी परम श्रद्धा और लगन होनी चाहिए, साथ ही इन मन्त्रों को जानने से पूर्व हमारे चित्त और मन की शुद्धि अनिवार्य है। यह शुद्धि भी हमें अपने भीतर स्वयं लानी होगी, जब हम अपने चित्त से काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मत्सर को पूर्णत: निकाल देंगे।

आज भारतीय ज्ञान परंपरा यानी इंडियन नॉलेज सिस्टम के विषय में बड़ी-बड़ी संस्थाएं जैसे कि आईआईटी, आईआईएम, देशभर के विश्वविद्यालय ….यहां तक की शिक्षा मंत्रालय भी बात कर रहे हैं और बड़ी-बड़ी योजनाएं बना रहे हैं।

गुरु-शिष्य परंपरा से चला आ रहा संस्कृत का ज्ञान इन्हीं सब भारतीय बौद्धिक परंपराओं के विकास का साक्षी है।

तो आइए हम सब मिलकर अपने चित्त को शुद्ध करते हुए, भारत में हुये इस ज्ञान परंपरा के विकास को और अधिक विकसित बनाएं…..!

जयतु संस्कृतम् जयतु भारतम।

[Editor’s Note: On the occasion of Sanskrit Divas, this message of Dr. Aparna Dhir telecasted from ‘Swami News’, a local news channel of Ajmer, Rajasthan, India.]

– डा. अपर्णा धीरअसिस्टेन्ट प्रोफेसर, इन्स्टिटयूट आफ ऎड्वान्स्ट साइन्सीस, डार्टमोथ, यू.एस.ए.

2 thoughts on “भारतीय ज्ञान परंपरा का आधार है – संस्कृत

  • M. Sivaguru
    August 10, 2025 at 7:49 pm

    Proud to see that you are involved in promoting Sanskrit language. Ofcourse universally people are accepting that Sanskrit is most suitable language for computer and they are trying to introduce it world wide. Once it happens I think all the world will know how much knowledge is in India and how India taught the world. All my best wishes with you for all your future works. Please continue with all your energy and our best wishes and blessings are with you. God bless you. Take care.

  • Preeti Kaushik
    August 11, 2025 at 12:06 pm

    भारत की प्राचीन भाषा संस्कृत, ज्ञान के संचरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। संस्कृत सदियों से धार्मिक ग्रंथों, दार्शनिक ग्रंथों, वैज्ञानिक खोजों और साहित्यिक कृतियों की भाषा के रूप में कार्य करती रही है और भारतीय ज्ञान प्रणालियों का संरक्षण और प्रसार करती रही है । बहुत अच्छी चर्चा की आपने |

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